मनोवसाद(Depression) लक्षण, पथ्य, अपथ्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा

मनोवसाद क्या है?

मनोवसाद चित्तवृत्ति की विकृति है जिसके कारण व्यक्ति लम्बे समय तक उदासी अथवा निराशा में रहता है। जो कि कुछ समय तक अंधकार में रहना अथवा अस्थायी तौर पर शोक की भावना अथवा उत्साह की कमी से भी अधिक होता है। मनोवसाद के कारण व्यक्ति के जीवन की खुशियों, कार्यों, स्वस्थ्य एवं परिजनों पर प्रभाव पड़ सकता है।

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मनोवसाद के लक्षण क्या हैं?

  • उदास मनोवृत्ति
  • दिन के विभिन्न समय में भिन्न स्वभाव का रहना अक्सर प्रातःकाल के समय ज्यादा ख़राब और बाद में सुधार होता जाता है।
  • कार्यों के करने में अप्रसन्नता होना
  • खाने की आदतों में या भूख में परिवर्तन होना 
  • भार में वृद्धि या कमी होना 
  • नींद की आदतों में परिवर्तन
  • कार्यों को करने में कठिनाई अथवा उत्साह में कमी के कारण अपने दैनिक जिम्मेदारी को निर्वाह न कर पाना। 
  • आत्मग्लानि एवं निराशा भाव रहना, “जीवन जीने योग्य है या नहीं” ऐसे विचार आना
  • विचारों, वाणी एवं गतिविधियों में मंदता 
  • मृत्यु अथवा आत्महत्या के विचारों के प्रति पूर्वाग्रह
  • शारीरिक समस्याओं जैसे शिर:शूल एवं पेटदर्द 
  • नींद नहीं आना (प्रातः जल्दी नींद खुलना एवं फिर नींद का नहीं आना
  • उत्तेजना महसूस होना
  • बिना कारण अश्रु बहाना 
  • जल्दी गुस्सा आना 
  • उत्साह में कमी एवं हमेशा थकावट रहना एकाग्रता में कमी
  • निर्णय लेने में परेशानी 
  • भविष्य के प्रति नकारात्मक सोच 
  • पहचान खोना 
  • स्वयं पर दोष लगाना एवं अपनी नजरों में गिरना
  • असफलता का काल्पनिक बोध होना 
  • लोगों के बीच में होने पर भी अकेलापन अनुभव करना 
  • मैथुन की इच्छा का कम होना 

Depression: Signs, Symptoms and Types | KDAH Blog

आयुर्वेदीय विचार

  • तक्रधारा, औषधीय तेलों से शिरोधारा, शिरोअभ्यंग(शिर की मालिश) आदि विशेष प्रक्रिया।
  • ध्यान, प्राणायाम, आसन आदि यौगिक व्यायाम।

Shirodhara Massage Therapy | Benefits - AyurHealing Bangalore

कतिपय उपयोगी आयुर्वेदिक योग

  • सारस्वतारिष्ट
  • कूष्मांडअवलेह
  • ब्राह्मी घृत
  • कल्याण घृत
  • चन्दनासव

Ayurveda should sell its cures on faith, not false claims of scientific  validity

मनोवसाद में कतिपय उपयोगी औषधीय पौधे 

  • अश्वगंधा
  • शतावरी
  • ब्राह्मी
  • वचा
  • जटामांसी
  • तगर
  • चन्दन
  • यष्टिमधु
  • तुलसी

 

पथ्य (क्या करें)

  • आंवला, अनार एवं अन्य मौसमी फल
  • हल्का भोजन विशेषकर रात्रि का बी भोजन
  • भोजन में साबुत दालें, सभी प्रकार के फल आदि लेना
  • ताजी सब्जियां
  • ध्यान
  • प्राणायाम
  • सामाजिक कार्य

 

अपथ्य (क्या ण करें)

  • मांसाहार
  • बार-बार एवं ज्यादा ऊर्जायुक्त भोजन
  • अधिक चिंतन
  • डिब्बाबंद भोजन

 

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